ADHD
वयस्कों में ADHD के संकेत: आम लक्षण और जाँच कब करवाएँ
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- दुनिया भर में 2.6% से 6.8% के बीच वयस्कों को ADHD है। इनमें से कई का बचपन में कभी डायग्नोसिस नहीं हुआ।
- ADHD में ध्यान गायब नहीं होता, बस उसे काबू में रखना मुश्किल होता है: उबाऊ काम हाथ से फिसल जाते हैं, जबकि दिलचस्प काम घंटों निगल सकते हैं।
- समय भी हाथ से फिसल सकता है। "बस पाँच मिनट और" दो घंटे बन जाते हैं, और योजनाएँ देर से शुरू होती हैं या होती ही नहीं।
- वयस्कों में अति-सक्रियता अक्सर अंदर चली जाती है: ऐसा दिमाग जो कभी ठहरता नहीं, हाथ-पैर हिलते रहना, और लंबी मीटिंग में बैठे रहना मुश्किल।
- ADHD वाले वयस्कों में तेज़ और जल्दी बदलने वाली भावनाएँ आम हैं, हालाँकि ये डायग्नोसिस के आधिकारिक मानदंडों का हिस्सा नहीं हैं।
- एंग्ज़ायटी, उदास मूड और खराब नींद ADHD जैसे दिख सकते हैं, और अक्सर इसके साथ भी होते हैं: ADHD वाले 47% वयस्कों को एंग्ज़ायटी डिसऑर्डर भी होता है।
- स्क्रीनिंग टेस्ट पहला कदम है, डायग्नोसिस नहीं। अगर संकेत मेल खाते हैं, तो कोई क्लिनिशियन पूरी तस्वीर जोड़कर देख सकता है।
बहुत से वयस्क चाबियाँ खो देते हैं, उबाऊ कागज़ी काम टालते रहते हैं या लंबी मीटिंग में खयालों में खो जाते हैं। सिर्फ़ इतने से ADHD नहीं हो जाता। लेकिन अगर ये चीज़ें तब से हो रही हैं जब से आपको याद है, और इनकी वजह से काम पर, घर पर या रिश्तों में बार-बार नुकसान उठाना पड़ता है, तो यह सवाल पूछना वाजिब है।
यहाँ जानिए कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में वयस्कों का ADHD आमतौर पर कैसा दिखता है, यह अक्सर बड़े होने तक पकड़ में क्यों नहीं आता, और कैसे पता करें कि क्या आपकी मुश्किलों की वजह यही है।
ADHD क्या है, और इसका डायग्नोसिस कैसे होता है?
ADHD (अटेंशन-डेफ़िसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) एक न्यूरोडेवलपमेंटल स्थिति है। क्लिनिशियन इसका डायग्नोसिस अमेरिकन साइकियाट्रिक एसोसिएशन के प्रकाशित DSM-5 मानदंडों के आधार पर करते हैं। इसके लक्षणों के दो समूह हैं: ध्यान की कमी, और अति-सक्रियता व आवेग।[1]
17 साल या उससे ज़्यादा उम्र के व्यक्ति के डायग्नोसिस के लिए ये सभी बातें ज़रूरी हैं:[1]
- एक या दोनों समूहों से कम से कम पाँच लक्षण (बच्चों में छह)।
- लक्षण कम से कम छह महीने से हों।
- कई लक्षण 12 साल की उम्र से पहले मौजूद रहे हों।
- एक से ज़्यादा माहौल में मुश्किलें, जैसे काम और घर।
कौन-से लक्षण हावी हैं, इसके आधार पर डायग्नोसिस तीन में से एक रूप (प्रेज़ेंटेशन) में दर्ज होता है: मुख्य रूप से ध्यान की कमी वाला, मुख्य रूप से अति-सक्रियता और आवेग वाला, या मिला-जुला (कंबाइंड)।[1]
एक बात जिस पर लोग अक्सर ध्यान नहीं देते: ADHD का डायग्नोसिस सिर्फ़ एक लाइसेंसधारी क्लिनिशियन ही आपसे इंटरव्यू करके कर सकता है। वर्ल्ड फ़ेडरेशन ऑफ़ ADHD का सहमति वक्तव्य (कंसेंसस स्टेटमेंट) इस पर दो टूक बात कहता है। रेटिंग स्केल, कंप्यूटर टेस्ट और ब्रेन स्कैन अपने-आप डायग्नोसिस नहीं कर सकते।[5]
वयस्कों में ADHD कितना आम है?
जवाब इस पर निर्भर करता है कि गिनती कैसे की जाए। जो स्टडीज़ यह शर्त रखती हैं कि लक्षण बचपन में शुरू हुए हों, उनमें आँकड़े उन स्टडीज़ से कम आते हैं जो मौजूदा लक्षणों वाले हर व्यक्ति को गिनती हैं। किसका डायग्नोसिस हो चुका है, इस पर हुए सर्वे एक तीसरा आँकड़ा देते हैं।
वयस्कों में ADHD के अनुमान, मापने के तरीके के हिसाब से
2024 में प्रकाशित उस CDC सर्वे का अनुमान था कि अमेरिका में लगभग 1.55 करोड़ वयस्कों को इस समय ADHD का डायग्नोसिस है। इनमें से 55.9% का डायग्नोसिस 18 साल या उससे ज़्यादा उम्र में हुआ था।[2] वयस्क होने के बाद डायग्नोसिस होना अब आम बात है।
उम्र के साथ ADHD के लक्षण आमतौर पर हल्के पड़ने लगते हैं। वर्ल्ड फ़ेडरेशन ऑफ़ ADHD के वक्तव्य में शामिल एक मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि ADHD वाले लगभग छह में से सिर्फ़ एक युवा 25 साल की उम्र में भी पूरे मानदंडों पर खरा उतरता था, जबकि लगभग आधे में अब भी कुछ ऐसे लक्षण थे जो कामकाज में दिक्कत पैदा करते थे।[5]
वयस्कों में ADHD के संकेत क्या हैं?
DSM-5 में ध्यान की कमी के नौ और अति-सक्रियता व आवेग के नौ लक्षण दिए गए हैं। अमेरिकन साइकियाट्रिक एसोसिएशन के सारांश के आधार पर, ये रहे आसान भाषा में:[1]
ध्यान की कमी
- बारीकियाँ छूट जाना या लापरवाही से गलतियाँ होना
- कामों, पढ़ने या बातचीत पर ध्यान टिकाए रखने में मुश्किल
- सीधे बात किए जाने पर भी ऐसा लगना कि आप सुन नहीं रहे
- निर्देशों के मुताबिक काम पूरा न कर पाना, या काम अधूरे छोड़ देना
- व्यवस्थित रहने और समय संभालने में कमज़ोरी
- लंबे समय तक दिमागी मेहनत माँगने वाले कामों से बचना
- ज़रूरत की चीज़ें अक्सर खो देना
- आसानी से ध्यान भटक जाना
- रोज़ के काम, अपॉइंटमेंट या बिल भूल जाना
अति-सक्रियता और आवेग
- हाथ-पैर हिलाते रहना या कसमसाते रहना
- जहाँ बैठे रहना हो, वहाँ उठ जाना
- बेचैनी महसूस होना (बच्चों में यह दौड़ने या चढ़ने के रूप में दिखता है)
- शांति से कोई काम करना मुश्किल लगना
- हर समय "भागदौड़" में रहने जैसा महसूस होना
- बहुत ज़्यादा बोलना
- सवाल पूरा होने से पहले ही जवाब बोल देना
- अपनी बारी का इंतज़ार करना मुश्किल लगना
- दूसरों को बीच में टोकना या उनके काम में दखल देना
वयस्कों में अति-सक्रियता अक्सर कम हो जाती है या अंदर की ओर मुड़ जाती है। APA के मुताबिक यह बहुत ज़्यादा बेचैनी के रूप में दिख सकती है, जबकि ध्यान की कमी के बने रहने की संभावना ज़्यादा होती है।[1] यानी ADHD वाला कोई वयस्क पूरी मीटिंग में बिना हिले बैठा रह सकता है और फिर भी अंदर ही अंदर छटपटाता रह सकता है।
यह बदलाव एक वजह है कि वयस्क कभी-कभी बच्चों को ध्यान में रखकर लिखे गए ADHD के विवरणों में खुद को नहीं पहचान पाते। मानदंड हर उम्र में एक ही हैं, लेकिन वे अलग-अलग उम्र में अलग तरह से दिखते हैं:
| लक्षण | बच्चे में यह कैसा दिख सकता है | वयस्क में यह कैसा दिख सकता है |
|---|---|---|
| बेचैनी | जहाँ ठीक न हो वहाँ दौड़ना या चढ़ना | अंदर से बेचैनी, हाथ-पैर हिलाते रहना, भागदौड़ वाला काम चुनना |
| टिककर बैठने में मुश्किल | क्लास में अपनी सीट छोड़ देना | मीटिंग या लंबी कॉल के दौरान बार-बार उठना |
| अव्यवस्था | बिखरी डेस्क और बस्ता, होमवर्क खो जाना | छूटी डेडलाइन, देर से भरे बिल, ठसाठस भरा इनबॉक्स |
| भूलने की आदत | घर के काम या खेल का सामान भूल जाना | अपॉइंटमेंट, फ़ॉलो-अप और छोटे-मोटे काम भूल जाना |
| बीच में टोकना | क्लास में बीच में बोल पड़ना | बातचीत में दूसरों के वाक्य खुद पूरे कर देना |
नीचे दी गई टेबल में उदाहरण हैं कि यही संकेत ज़िंदगी के अलग-अलग हिस्सों में कैसे सामने आ सकते हैं।
| संकेत | काम पर | घर पर | रिश्तों में |
|---|---|---|---|
| ध्यान टिकाए रखने में मुश्किल | एक ही ईमेल बार-बार पढ़ना, मीटिंग में खयालों में खो जाना | घर के कई काम शुरू करना और एक भी पूरा न करना | पार्टनर की बात सुनते-सुनते बात का सिरा छूट जाना |
| अव्यवस्था और समय | छूटी डेडलाइन, कामों में लगने वाले समय का कम अंदाज़ा लगाना | बिना खोली डाक का ढेर, देर से भरे बिल | तय प्लान पर अक्सर देर से पहुँचना |
| भूलने की आदत | फ़ॉलो-अप या मीटिंग भूल जाना | चाबी, फ़ोन या बटुआ खो जाना | जन्मदिन या किए गए वादे भूल जाना |
| बेचैनी | हिलने-डुलने की ज़रूरत, लंबी मीटिंग असहनीय लगना | पूरी फ़िल्म बैठकर देखना मुश्किल | शांत शाम को आराम करना मुश्किल |
| आवेग | बीच में टोकना, बहुत सारी चीज़ों के लिए हाँ कह देना | बिना सोचे-समझे ख़रीदारी | सोचने से पहले ही बोल देना |
भावनाओं का उतार-चढ़ाव
ADHD वाले कई वयस्क यह भी बताते हैं कि उन्हें जल्दी झुंझलाहट या चिड़चिड़ाहट होती है, या भावनाएँ ज़ोर से उठती हैं और जल्दी उतर जाती हैं। इसे आमतौर पर इमोशन डिसरेगुलेशन, यानी भावनाओं को संभालने में मुश्किल, कहा जाता है। यह DSM-5 के मानदंडों में शामिल नहीं है, इसलिए डायग्नोसिस में इसकी गिनती नहीं होती। फिर भी, अमेरिकन जर्नल ऑफ़ साइकियाट्री में छपी एक समीक्षा में पाया गया कि क्लिनिक में हुई स्टडीज़ ADHD वाले 34% से 70% वयस्कों में ऐसा इमोशन डिसरेगुलेशन दर्ज करती हैं जो कामकाज पर असर डालता है।[6] अगर यह हिस्सा आपको जाना-पहचाना लगता है, तो असेसमेंट के दौरान इसका ज़िक्र करें।
महिलाओं में ADHD अक्सर पकड़ में क्यों नहीं आता?
ADHD का डायग्नोसिस लड़कों और पुरुषों में ज़्यादा होता है, युवाओं में यह अनुपात लगभग 2:1 है।[5] इस अंतर का कुछ हिस्सा इस वजह से लगता है कि लड़कियों और महिलाओं पर ध्यान नहीं जाता। UK ADHD पार्टनरशिप के 2020 के एक विशेषज्ञ सहमति वक्तव्य में इसकी कई वजहें बताई गई हैं:[7]
- ध्यान की कमी वाले लक्षण, जैसे आसानी से ध्यान भटकना, अव्यवस्थित रहना या बोझ तले दबा महसूस करना, खलल डालने वाले व्यवहार के मुकाबले कम ही रेफ़रल तक पहुँचते हैं। ध्यान की कमी वाली लड़कियाँ ज़्यादा छूट जाती हैं।
- ADHD कैसा दिखता है, इस बारे में शिक्षकों और माता-पिता की धारणाएँ इस पर असर डालती हैं कि किसे रेफ़र किया जाता है।
- ज़रूरत से ज़्यादा तैयारी करने या कहीं ज़्यादा घंटे काम करने जैसी कोपिंग स्ट्रैटेजी (मुश्किल से निपटने के तरीके) असली दिक्कत को छिपा सकती हैं। लोग अक्सर इसे मास्किंग कहते हैं।
- साथ में मौजूद दूसरी स्थितियाँ, जैसे एंग्ज़ायटी, डिप्रेशन या ईटिंग डिसऑर्डर, ADHD पर पर्दा डाल सकती हैं।
यही वक्तव्य बताता है कि ज़िंदगी में बदलाव के दौर में, जैसे यूनिवर्सिटी या नई नौकरी शुरू करते समय, लक्षण ज़्यादा साफ़ दिख सकते हैं, और मासिक चक्र, गर्भावस्था और मेनोपॉज़ के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलावों से बढ़ सकते हैं।[7] कई महिलाएँ ADHD के बारे में सवाल तभी पूछना शुरू करती हैं जब वे वयस्क हो चुकी होती हैं और उन पर ज़िम्मेदारियाँ इतनी बढ़ जाती हैं कि पहले काम आने वाली कोपिंग स्ट्रैटेजी नाकाफ़ी पड़ने लगती हैं।
अगर आप स्कूल में अच्छे थे, तो क्या फिर भी ADHD हो सकता है?
हाँ। अच्छे नंबर इसकी संभावना खत्म नहीं करते। UK का सहमति वक्तव्य बताता है कि घर या स्कूल में अपनाई गई भरपाई की रणनीतियाँ लक्षणों को ढक सकती हैं, और असेसमेंट करने वालों को सलाह देता है कि वे देखें कि उस समय कैसा सहारा या ढाँचा मौजूद था।[7] मान लीजिए आपका शेड्यूल माता-पिता संभालते थे, या आप आखिरी समय की ताबड़तोड़ मेहनत से काम चला लेते थे। हो सकता है मुश्किल तभी साफ़ दिखे जब वह सहारा हट जाए या काम का बोझ बढ़ जाए।
और क्या ADHD जैसा दिख सकता है?
ADHD के लिए कोई एक टेस्ट नहीं है, और CDC नींद से जुड़े विकारों, एंग्ज़ायटी, डिप्रेशन और कुछ लर्निंग डिसेबिलिटी को ऐसी स्थितियों में गिनता है जिनसे मिलते-जुलते लक्षण हो सकते हैं।[11] एक अच्छे असेसमेंट में इनकी जाँच होती है। टेबल में कुछ ऐसे फ़र्क दिए गए हैं जो आमतौर पर दिखते हैं, हालाँकि असल ज़िंदगी इतनी साफ़-सुथरी नहीं होती, और आपको एक से ज़्यादा स्थितियाँ भी हो सकती हैं।
| स्थिति | ADHD से क्या मिलता-जुलता है | आमतौर पर क्या अलग होता है |
|---|---|---|
| एंग्ज़ायटी | ध्यान लगाने में कमज़ोरी, बेचैनी, नींद आने में मुश्किल | ध्यान की दिक्कतें चिंता के पीछे-पीछे आती हैं और चिंता घटने पर कम हो जाती हैं। ADHD के संकेत बचपन से चले आते हैं और तब भी दिखते हैं जब आप शांत महसूस कर रहे हों। |
| डिप्रेशन | प्रेरणा की कमी, ध्यान लगाने में मुश्किल, भूलने की आदत | इसके साथ उदास मूड या रुचि खत्म होना जुड़ा होता है, अक्सर दौरों (एपिसोड) में। ADHD लंबे समय से चला आ रहा पैटर्न है, आपके सामान्य स्वभाव में आया कोई बदलाव नहीं। |
| नींद की समस्याएँ | ध्यान की कमी, चिड़चिड़ापन, दिमाग पर धुंध-सी छाई रहना | नींद सुधरने पर लक्षण सुधर जाते हैं। नींद का कोई विकार ADHD के साथ-साथ भी हो सकता है, इसलिए दोनों ही सूरत में इसकी जाँच करवाना ठीक है। |
| लर्निंग डिसेबिलिटी | पढ़ने, लिखने या कागज़ी काम में मुश्किल | दिक्कतें कई तरह के कामों में ध्यान पर नहीं, बल्कि कुछ खास कौशलों (जैसे पढ़ना) पर केंद्रित होती हैं। |
अगर एंग्ज़ायटी या उदास मूड आपके अनुभव के ज़्यादा करीब लगता है, तो हमारा एंग्ज़ायटी टेस्ट (GAD-7) और डिप्रेशन टेस्ट (PHQ-8) वही छोटी प्रश्नावलियाँ इस्तेमाल करते हैं जो कई डॉक्टर इस्तेमाल करते हैं। ADHD और ऑटिज़्म के भी कुछ लक्षण मिलते-जुलते हैं, जिनके बारे में हमने वयस्कों में ADHD बनाम ऑटिज़्म में लिखा है।
वयस्कों में ADHD के साथ अक्सर कौन-सी स्थितियाँ होती हैं?
ADHD शायद ही कभी अकेला आता है। अमेरिका के नेशनल कोमॉर्बिडिटी सर्वे रेप्लिकेशन में ADHD वाले वयस्कों को अक्सर कम से कम एक और स्थिति थी, सबसे ज़्यादा कोई एंग्ज़ायटी या मूड डिसऑर्डर।[4]
ADHD वाले वयस्कों में दूसरी स्थितियाँ (अमेरिकी सर्वे)
उसी सर्वे में यह भी पाया गया कि ADHD वाले सिर्फ़ 10.9% वयस्कों को पिछले साल ADHD का इलाज मिला था, जबकि कई का दूसरी स्थितियों के लिए इलाज हुआ था।[4] वह स्टडी अब 20 साल पुरानी है, और तब से डायग्नोसिस ज़्यादा आम हो गया है। फिर भी, 2023 के CDC सर्वे में ADHD के मौजूदा डायग्नोसिस वाले 36.5% वयस्कों को पिछले साल ADHD का कोई इलाज नहीं मिला था।[2]
ऑनलाइन ADHD टेस्ट आपको क्या बता सकता है?
हमारे टेस्ट समेत कई ऑनलाइन ADHD टेस्ट WHO के एडल्ट ADHD सेल्फ़-रिपोर्ट स्केल (ASRS) के फ़ॉर्मैट पर बने हैं, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के रिसर्चरों के साथ मिलकर बनाया था। यह पूछता है कि पिछले छह महीनों में हर लक्षण आपको कितनी बार हुआ। रिसर्च में इसका रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है:
- 2005 की मूल स्टडी में छह सवालों वाले ASRS स्क्रीनर ने ADHD वाले 68.7% लोगों को सही पहचाना (सेंसिटिविटी) और ADHD के बिना वाले 99.5% लोगों को सही ढंग से बाहर रखा (स्पेसिफ़िसिटी)।[8]
- DSM-5 के लिए अपडेट किया गया 2017 का संस्करण बेहतर रहा: आम आबादी के सैंपल में 91.4% सेंसिटिविटी और 96.0% स्पेसिफ़िसिटी।[9]
- लेकिन जब रिसर्चरों ने UK और अमेरिका की आम आबादी के सैंपल पर ASRS v1.1 आज़माया, तो इसने 26.0% और 17.3% लोगों को संभावित ADHD वाला बताया, जबकि अपेक्षित दर लगभग 2.5% है। उनका अनुमान था कि पॉज़िटिव आने वाले नतीजों में से सिर्फ़ लगभग 11.5% ही असल में ADHD निकलेंगे।[10]
ASRS v1.1 से चिह्नित लोग बनाम ADHD की अपेक्षित दर
सीधे शब्दों में, ज़्यादा स्कोर का मतलब है कि किसी विशेषज्ञ से बात करना ठीक रहेगा। इसका मतलब यह नहीं कि आपको ADHD है, क्योंकि तनाव, एंग्ज़ायटी, उदास मूड, खराब नींद और आवेग से जुड़ी दूसरी समस्याएँ, सब स्कोर बढ़ा सकती हैं। कम स्कोर से ADHD की संभावना कम हो जाती है, लेकिन अगर आपकी मुश्किलें असली हैं और लंबे समय से हैं, तो कम स्कोर की वजह से मदद माँगना न छोड़ें।
हमारे ADHD टेस्ट में 18 जवाबों में से हर एक को 0 (कभी नहीं) से 4 (बहुत अक्सर) तक अंक मिलते हैं, कुल 72 में से। 29 से 44 का स्कोर ADHD के कुछ लक्षणों की ओर इशारा करता है, और 45 या उससे ज़्यादा कई लक्षणों की ओर। आपको ध्यान की कमी और अति-सक्रियता व आवेग के अलग-अलग स्कोर भी दिखते हैं, जिनसे क्लिनिशियन को यह समझने में मदद मिल सकती है कि आपकी मुश्किलें कहाँ ज़्यादा हैं। इन संख्याओं को बातचीत की शुरुआत भर समझें।
| ऑनलाइन स्क्रीनिंग टेस्ट | क्लिनिकल असेसमेंट | |
|---|---|---|
| कौन करता है | आप खुद | एक लाइसेंसधारी क्लिनिशियन |
| कितना समय | लगभग 5 मिनट | अक्सर एक या ज़्यादा लंबे अपॉइंटमेंट |
| क्या देखा जाता है | अभी आपको लक्षण कितनी बार महसूस होते हैं | मौजूदा लक्षण, बचपन का इतिहास, असर, दूसरी संभावित वजहें |
| आपको क्या मिलता है | एक स्कोर और वह किस ओर इशारा करता है | डायग्नोसिस होगा या नहीं, और इलाज की योजना |
| क्या इससे ADHD का डायग्नोसिस हो सकता है? | नहीं | हाँ |
वयस्कों में ADHD का असेसमेंट कैसे होता है?
ब्योरे देश और स्वास्थ्य व्यवस्था के हिसाब से बदलते हैं, लेकिन वयस्कों के ज़्यादातर असेसमेंट लगभग एक ही रास्ते पर चलते हैं। क्लिनिशियन क्या पूछेंगे, यह DSM-5 मानदंडों से तय होता है।[1][5]
वयस्कों के ADHD असेसमेंट में आमतौर पर क्या होता है
पैटर्न पर गौर करें
काम, घर और रिश्तों से ठोस उदाहरण लिख लें। स्क्रीनिंग टेस्ट इन्हें शब्दों में ढालने में मदद कर सकता है।
डॉक्टर से बात करें
आपके सामान्य डॉक्टर (प्राइमरी केयर डॉक्टर) शारीरिक कारणों की जाँच कर सकते हैं और आपको वयस्कों में ADHD का असेसमेंट करने वाले किसी विशेषज्ञ के पास भेज सकते हैं, या जहाँ इसकी अनुमति हो वहाँ आप सीधे विशेषज्ञ के पास जा सकते हैं।
क्लिनिकल इंटरव्यू
क्लिनिशियन हर लक्षण पर बात करते हैं: यह आपको कब से है, और क्या इनमें से कई 12 साल की उम्र से पहले मौजूद थे।
दूसरों की राय
आपसे किसी पार्टनर या माता-पिता की राय, या पुरानी स्कूल रिपोर्ट माँगी जा सकती है, क्योंकि बचपन के लक्षण याद करना मुश्किल होता है।
मिलती-जुलती स्थितियों की जाँच
क्लिनिशियन एंग्ज़ायटी, डिप्रेशन, नींद की समस्याओं और ऐसी दूसरी स्थितियों की जाँच करते हैं जो लक्षणों की वजह हो सकती हैं या उन्हें बढ़ा सकती हैं।
डायग्नोसिस और योजना
अगर आप मानदंडों पर खरे उतरते हैं, तो इलाज के विकल्पों पर बात होती है। अगर नहीं, तब भी आपको यह समझ लेकर लौटना चाहिए कि आप जो अनुभव कर रहे हैं, उसकी वजह क्या है।
वयस्कों में ADHD का इलाज कैसे होता है?
इलाज में आमतौर पर दवा, थेरेपी और व्यावहारिक सहायता शामिल होती है, अकेले या मिलाकर। वर्ल्ड फ़ेडरेशन ऑफ़ ADHD के वक्तव्य में शामिल एक बड़े नेटवर्क मेटा-एनालिसिस में स्टिमुलेंट दवाओं (एम्फ़ैटेमिन और मिथाइलफ़ेनिडेट) ने प्लेसीबो की तुलना में वयस्कों के लक्षण कम किए, और नॉन-स्टिमुलेंट दवा एटोमॉक्सेटीन से मध्यम फ़ायदा हुआ। मनोवैज्ञानिक इलाज की बात करें, तो वयस्कों के लिए कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी पर हुए एक मेटा-एनालिसिस में खुद बताए गए लक्षणों में मध्यम सुधार दिखा, हालाँकि सबसे सख्त ट्रायल में असर छोटा था।[5] NIMH दवा और साइकोसोशल उपचारों, जैसे कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी, को मानक विकल्प बताता है।[12] अमेरिका में जिन वयस्कों के लक्षण उनके काम पर असर डालते हैं, वे कार्यस्थल पर खास सुविधाओं (वर्कप्लेस एकोमोडेशन) के हकदार भी हो सकते हैं।[1] कौन-सा मेल ठीक रहेगा, यह आपकी सेहत, आपकी दूसरी स्थितियों और आपकी पसंद पर निर्भर करता है, इसलिए यह फ़ैसला क्लिनिशियन के साथ मिलकर लेना चाहिए।
ADHD की जाँच कब करवानी चाहिए?
अगर इनमें से ज़्यादातर बातें सच हैं, तो असेसमेंट के लिए पूछना ठीक रहेगा:
- ऊपर बताए गए कई संकेत अक्सर होते हैं, सिर्फ़ तनाव वाले हफ़्तों में नहीं।
- आप इन्हें बचपन तक जोड़ पाते हैं, भले ही तब ये अलग दिखते थे।
- इनकी वजह से एक से ज़्यादा क्षेत्रों में समस्याएँ होती हैं, जैसे नौकरी और घरेलू ज़िंदगी।
- दूसरी वजहें, जैसे खराब नींद या डिप्रेशन का कोई दौर, इन्हें पूरी तरह नहीं समझा पातीं।
अगर आपको पक्का नहीं पता, तो स्क्रीनिंग टेस्ट एक ठीक पहला कदम है। उसका नतीजा अपने उदाहरणों के साथ किसी डॉक्टर को दिखाएँ। और अगर आप अपने मूड से जूझ रहे हैं या असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो ADHD के किसी भी सवाल से पहले, अभी किसी डॉक्टर या क्राइसिस हेल्पलाइन से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ADHD वयस्क होने पर शुरू हो सकता है?
DSM-5 मानदंडों के मुताबिक कई लक्षण 12 साल की उम्र से पहले मौजूद होने चाहिए, इसलिए क्लिनिशियन आपके बचपन में संकेत तलाशेंगे। कई लोगों का पहली बार डायग्नोसिस वयस्क होने पर होता है: 2023 के एक CDC सर्वे में ADHD के मौजूदा डायग्नोसिस वाले अमेरिका के 55.9% वयस्कों का डायग्नोसिस 18 साल या उसके बाद हुआ था। आमतौर पर संकेत पहले से मौजूद थे, लेकिन पहचाने नहीं गए।
क्या ऑनलाइन टेस्ट बता सकता है कि मुझे ADHD है?
नहीं। ऑनलाइन टेस्ट सेल्फ़-रिपोर्ट स्क्रीनिंग टेस्ट होते हैं। ये बता सकते हैं कि असेसमेंट करवाना ठीक रहेगा या नहीं, लेकिन ADHD का डायग्नोसिस सिर्फ़ एक लाइसेंसधारी क्लिनिशियन ही आपसे इंटरव्यू करके कर सकता है। आम आबादी पर हुई स्टडीज़ में ASRS v1.1 ने उससे कहीं ज़्यादा लोगों को चिह्नित किया, जितनों को असल में ADHD होता है।
ADHD सामान्य तौर पर ध्यान भटकने से कैसे अलग है?
ध्यान हर किसी का भटकता है। ADHD के लिए ज़रूरी है कि लक्षण बार-बार हों, कम से कम छह महीने से हों, 12 साल की उम्र से पहले शुरू हुए हों, एक से ज़्यादा माहौल में दिखें, और आपकी ज़िंदगी में साफ़ तौर पर रुकावट डालें।
महिलाओं में ADHD ज़्यादा क्यों छूट जाता है?
ध्यान की कमी वाले लक्षण खलल डालने वाले व्यवहार जितना ध्यान नहीं खींचते, इसलिए ध्यान की कमी वाली लड़कियाँ ज़्यादा छूट जाती हैं। कोपिंग स्ट्रैटेजी मुश्किल को छिपा सकती हैं, और साथ में मौजूद एंग्ज़ायटी या डिप्रेशन उस पर पर्दा डाल सकते हैं। ज़िंदगी में बदलाव के दौर में और हार्मोनल बदलावों के दौरान भी लक्षण ज़्यादा नज़र आने लग सकते हैं।
वयस्कों में ADHD का डायग्नोसिस कौन कर सकता है?
वयस्कों के ADHD में प्रशिक्षित कोई लाइसेंसधारी क्लिनिशियन, जैसे मनोचिकित्सक (साइकियाट्रिस्ट) या मनोवैज्ञानिक (साइकोलॉजिस्ट)। डायग्नोसिस कौन कर सकता है, यह देश के हिसाब से बदलता है। अक्सर पहला कदम सामान्य डॉक्टर (प्राइमरी केयर डॉक्टर) के पास जाना होता है, जो आपको आगे रेफ़र कर सकते हैं।
क्या उम्र के साथ ADHD चला जाता है?
लक्षण अक्सर हल्के पड़ जाते हैं। एक मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि ADHD वाले लगभग छह में से एक युवा 25 साल की उम्र में भी पूरे मानदंडों पर खरा उतरता था, जबकि लगभग आधे में अब भी कुछ ऐसे लक्षण थे जो कामकाज में दिक्कत पैदा करते थे। अति-सक्रियता, ध्यान की कमी के मुकाबले ज़्यादा कम होती है।
स्रोत
- American Psychiatric Association. What is ADHD? Physician review: J. Immanuel and J. Burden. Updated October 2025.
- Staley, B. S., Robinson, L. R., Claussen, A. H., et al. (2024). Attention-deficit/hyperactivity disorder diagnosis, treatment, and telehealth use in adults: National Center for Health Statistics Rapid Surveys System, United States, October–November 2023. MMWR, 73(40), 890–895.
- Song, P., Zha, M., Yang, Q., et al. (2021). The prevalence of adult attention-deficit hyperactivity disorder: A global systematic review and meta-analysis. Journal of Global Health, 11, 04009.
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- Centers for Disease Control and Prevention. Diagnosing ADHD.
- National Institute of Mental Health. Attention-Deficit/Hyperactivity Disorder.